Uttarakhand Test 90 – UKSSSC & UKPSC 2026
30 Very Hard प्रश्न • 20 मिनट • नेगेटिव मार्किंग
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उत्तराखंड में GI उत्पाद गैलरी का उद्घाटन: प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
उत्तराखंड में हाल ही में GI उत्पाद गैलरी का उद्घाटन किया गया है। यह पहल राज्य के पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। UKPSC, UKSSSC, पटवारी, लेखपाल और अन्य उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे संबंधित प्रश्न करेंट अफेयर्स और सामान्य अध्ययन दोनों में पूछे जा सकते हैं।
GI अर्थात Geographical Indication (भौगोलिक उपदर्शन) किसी ऐसे उत्पाद को दिया जाता है, जिसकी विशेष गुणवत्ता, पहचान या प्रतिष्ठा किसी विशेष भौगोलिक क्षेत्र से जुड़ी होती है। भारत में GI टैग का पंजीकरण और संरक्षण भौगोलिक उपदर्शन (पंजीकरण और संरक्षण) अधिनियम, 1999 के अंतर्गत किया जाता है। इसका उद्देश्य स्थानीय उत्पादों की मौलिक पहचान को सुरक्षित रखना और नकली उत्पादों पर रोक लगाना है।
उत्तराखंड के कई पारंपरिक उत्पादों को पहले ही GI टैग मिल चुका है। इनमें कृषि उत्पाद, हस्तशिल्प और स्थानीय खाद्य पदार्थ शामिल हैं। नई GI उत्पाद गैलरी इन उत्पादों को एक ही स्थान पर प्रदर्शित करेगी। इससे पर्यटकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को राज्य की सांस्कृतिक एवं आर्थिक विरासत को समझने का अवसर मिलेगा। साथ ही स्थानीय कारीगरों और किसानों को अपने उत्पादों के बेहतर विपणन में भी सहायता मिलेगी।
प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से अभ्यर्थियों को यह याद रखना चाहिए कि GI टैग का संबंध बौद्धिक संपदा अधिकार (Intellectual Property Rights) से है। इसके साथ ही अधिनियम का वर्ष, संबंधित संस्था तथा उत्तराखंड के प्रमुख GI उत्पादों का अध्ययन भी आवश्यक है। इसलिए इस विषय को केवल करेंट अफेयर्स के रूप में नहीं, बल्कि सामान्य ज्ञान और अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण भाग के रूप में भी अवश्य तैयार करें।