UKSSSC TEST 22

UKSSSC / UKPSC टेस्ट 22 – Extreme Hard 30 प्रश्न | GyanLeela
UKSSSC / UKPSC 2026
टेस्ट 22 • Extreme Hard

UKSSSC / UKPSC टेस्ट 22

Extreme Hard • 30 प्रश्न • 16 अक्टूबर 2026

📋 टेस्ट की जानकारी

  • 📌 कुल प्रश्न: 30 प्रश्न (Extreme Hard)
  • ⏱️ कुल समय: 25 मिनट
  • ✅ प्रत्येक सही: 1 अंक
  • ❌ नेगेटिव मार्किंग: -0.25
  • 📝 लंबे प्रश्न: पूरा टेक्स्ट दिखेगा

🎯 आपका परिणाम

0
%
0
सही
0
गलत
कुल अंक: 0/30

🔑 उत्तर कुंजी

GyanLeela.com – UKSSSC / UKPSC टेस्ट 22 (Extreme Hard)

© 2026 GyanLeela • All Rights Reserved

“ऋजुता” का विलोम शब्द: अर्थ, प्रयोग और प्रतियोगी परीक्षाओं में महत्व

ऋजुता का विलोम शब्द “वक्रता” है।

यह हिंदी व्याकरण और प्रतियोगी परीक्षाओं दोनों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण विलोम युग्म है, जिसका सही ज्ञान UKPSC, UKSSSC, DSSSB जैसी परीक्षाओं में अंक दिलाने में निर्णायक साबित हो सकता है।

“ऋजुता” का अर्थ और भाषिक पहचान

“ऋजुता” संस्कृत मूल का शब्द है। “ऋजु” का अर्थ है—सीधा, टेढ़ेपन से रहित, सरल या ईमानदार। जब इसी भाव को संज्ञा रूप में व्यक्त किया जाता है तो वह “ऋजुता” बन जाता है। इसका अर्थ होता है—सीधापन, सरलता, ऋजु होने का भाव।

हिंदी व्याकरण में यह एक भाववाचक संज्ञा है, जो विशेषण “ऋजु” में “ता” प्रत्यय जोड़कर बनाई जाती है। इसी प्रकार “कुटिल” से “कुटिलता” और “वक्र” से “वक्रता” बनते हैं।

ऋजुता का विलोम: वक्रता क्यों सही है?

“ऋजुता” का विलोम शब्द वक्रता है। “वक्र” का अर्थ है—टेढ़ा, मुड़ा हुआ, सीधा नहीं। अतः “वक्रता” का अर्थ हुआ—टेढ़ापन या मुड़ाव। चूंकि ऋजुता “सीधेपन” को दर्शाती है, इसलिए इसका विपरीत भाव “टेढ़ेपन” अर्थात् वक्रता ही होगा।

यहाँ एक सूक्ष्म भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है। कई अभ्यर्थी “कुटिलता” को ऋजुता का विलोम मान लेते हैं। वास्तव में “कुटिलता” का विलोम “सरलता” है, न कि ऋजुता। कुटिलता में नैतिक अर्थ (छल-कपट) प्रमुख होता है, जबकि ऋजुता-वक्रता का संबंध मूलतः ज्यामितीय या भौतिक सीधेपन-टेढ़ेपन से है। हालाँकि कुछ संदर्भों में “कुटिल” को ऋजु का विलोम भी स्वीकार किया जाता है, परंतु मानक व्याकरणिक उत्तर वक्रता ही माना जाता है।

प्रतियोगी परीक्षाओं में क्यों पूछा जाता है?

हिंदी व्याकरण का विलोम प्रश्न UKPSC (प्रवर/अवर अधीनस्थ), UKSSSC, और अन्य राज्य लोक सेवा आयोगों की परीक्षाओं का स्थायी हिस्सा है। “ऋजुता” जैसे संस्कृतनिष्ठ शब्द इसलिए पूछे जाते हैं क्योंकि:

  • ये तत्सम शब्द हैं, जिनका अर्थ बिना व्युत्पत्ति जाने स्पष्ट नहीं होता।
  • इनके निकट विलोम (कुटिलता, वक्रता) अभ्यर्थियों को भ्रमित करते हैं।
  • ये शब्द हिंदी साहित्य और औपचारिक लेखन में नियमित रूप से प्रयुक्त होते हैं।

ऋजुता और वक्रता का प्रयोग: उदाहरण

ऋजुता के प्रयोग:

  • “उसकी ऋजुता और सरल स्वभाव ने सबका मन जीत लिया।”
  • “गणित में ऋजु रेखा का अर्थ सीधी रेखा से होता है।”

वक्रता के प्रयोग:

  • “सड़क की वक्रता के कारण दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है।”
  • “उसके व्यवहार में एक अजीब वक्रता आ गई थी।”

निष्कर्ष

ऋजुता का सही विलोम “वक्रता” है। प्रतियोगी परीक्षा की दृष्टि से यह जोड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह तत्सम शब्दों की समझ और निकट विलोमों के भेद को परखती है। “कुटिलता” का विलोम “सरलता” है, जबकि “ऋजुता” का विलोम “वक्रता”। इस सूक्ष्म अंतर को याद रखना परीक्षा में एक अतिरिक्त अंक का कारण बन सकता है।

error: Content is protected !!
Scroll to Top