UKSSSC TEST 25

UKSSSC / UKPSC टेस्ट 25 – Extreme Hard 30 प्रश्न | GyanLeela
UKSSSC / UKPSC 2026
टेस्ट 25 • Extreme Hard

UKSSSC / UKPSC टेस्ट 25

Extreme Hard • 30 प्रश्न • 19 अक्टूबर 2026

📋 टेस्ट की जानकारी

  • 📌 कुल प्रश्न: 30 प्रश्न (Extreme Hard)
  • ⏱️ कुल समय: 25 मिनट
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“क्षत” और “अक्षत” में अंतर: सही विलोम शब्द क्या है?

“अक्षत” का सर्वथा उपयुक्त विलोम शब्द “क्षत” है।

हिंदी व्याकरण में यह एक ऐसा विलोम युग्म है जो प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को भ्रमित करता है, क्योंकि “खंडित”, “विक्षत” और “अक्षतहीन” जैसे निकट शब्द विकल्पों के रूप में दिए जाते हैं। इनके सूक्ष्म अर्थ-भेद को समझना आवश्यक है।

“अक्षत” का अर्थ और व्युत्पत्ति

“अक्षत” संस्कृत मूल का तत्सम शब्द है। यह “अ” (निषेधात्मक उपसर्ग) और “क्षत” के योग से बना है। “क्षत” का अर्थ होता है — घाव, चोट, टूटा हुआ, क्षतिग्रस्त। अतः “अक्षत” का अर्थ हुआ — जो क्षत (टूटा या घायल) न हुआ हो, जो अखंड या साबुत हो।

यह शब्द मुख्यतः दो संदर्भों में प्रयुक्त होता है। पहला — हिंदू धर्म-अनुष्ठानों में साबुत चावल, जिन्हें “अक्षत” कहा जाता है। दूसरा — व्यापक अर्थ में जो अखंड, बिना टूटा या बिना क्षति पहुँचा हुआ हो। इसी कारण “अक्षत” का सीधा अर्थ “अखंड” या “साबुत” होता है।

अक्षत का विलोम: क्षत क्यों सर्वाधिक उपयुक्त है?

चूंकि “अक्षत” = “अ” + “क्षत” है, अर्थात् इसका निर्माण ही “क्षत” में निषेधात्मक उपसर्ग जोड़कर हुआ है, इसलिए इसका स्वाभाविक और सर्वथा उपयुक्त विलोम “क्षत” ही होगा। “क्षत” का अर्थ है — टूटा हुआ, घायल, क्षतिग्रस्त — जो “अक्षत” (अखंड/साबुत) का पूर्ण विपरीत है।

यहाँ निकटवर्ती शब्दों के भेद को समझना आवश्यक है:

विक्षत — “वि” + “क्षत”। इसका अर्थ है — अत्यधिक घायल, बुरी तरह क्षतिग्रस्त। यह “क्षत” से तीव्रतर भाव व्यक्त करता है, अतः मूल विलोम के रूप में “क्षत” ही अधिक उपयुक्त है।

खंडित — इसका अर्थ है — टुकड़ों में तोड़ा गया, विभाजित। यह “अखंड” का विलोम हो सकता है, परंतु “अक्षत” के लिए “क्षत” अधिक सटीक और व्युत्पत्तिपरक रूप से सुसंगत है।

अक्षतहीन — यह शब्द ही अनुपयुक्त है, क्योंकि “अक्षत” में स्वयं निषेधात्मक उपसर्ग है; इस पर पुनः “हीन” जोड़ना व्याकरणिक दृष्टि से दोषपूर्ण है।

प्रतियोगी परीक्षाओं में क्यों पूछा जाता है?

UKPSC, UKSSSC, और अन्य राज्य लोक सेवा आयोगों की हिंदी व्याकरण परीक्षाओं में “अक्षत-क्षत” जैसी जोड़ी इसलिए पूछी जाती है क्योंकि:

  • ये तत्सम शब्द हैं, जिनका अर्थ बिना व्युत्पत्ति जाने स्पष्ट नहीं होता।
  • यहाँ उपसर्ग-आधारित विलोम की समझ परखी जाती है — “अ” जोड़ने से बना शब्द, उपसर्ग हटने पर अपने विलोम में बदल जाता है।
  • निकटवर्ती शब्द (विक्षत, खंडित) भ्रम उत्पन्न करते हैं और सूक्ष्म भेद परखा जाता है।

अक्षत और क्षत का प्रयोग: उदाहरण

अक्षत के प्रयोग:

  • “पूजा में भगवान को अक्षत अर्पित किए जाते हैं।”
  • “उसने अपने अक्षत विश्वास और धैर्य से सभी बाधाओं को पार किया।”

क्षत के प्रयोग:

  • “युद्ध में अनेक सैनिक क्षत-विक्षत हो गए।”
  • “वृक्ष की क्षत शाखा को काटकर हटा दिया गया।”

निष्कर्ष

अक्षत का सर्वथा उपयुक्त विलोम “क्षत” है। “विक्षत” अधिक तीव्र भाव व्यक्त करता है, “खंडित” “अखंड” का विलोम है, और “अक्षतहीन” व्याकरणिक दृष्टि से दोषपूर्ण है। प्रतियोगी परीक्षा की दृष्टि से यह जोड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उपसर्ग-आधारित विलोम निर्माण की समझ और निकट शब्दों के सूक्ष्म अर्थ-भेद को परखती है। “अक्षत = अ + क्षत” का सूत्र याद रखना ही इस प्रश्न का सटीक उत्तर सुनिश्चित करता है।

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