UKSSSC / UKPSC टेस्ट 29
📋 टेस्ट की जानकारी
- 📌 कुल प्रश्न: 30 प्रश्न (Extreme Hard)
- ⏱️ कुल समय: 25 मिनट
- ✅ प्रत्येक सही: 1 अंक
- ❌ नेगेटिव मार्किंग: -0.25
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“प्रफुल्ल” का विलोम शब्द: अर्थ, व्युत्पत्ति और प्रतियोगी परीक्षाओं में महत्व
“प्रफुल्ल” का सर्वथा उपयुक्त और सटीक विलोम शब्द “म्लान” है।
हिंदी व्याकरण में यह एक ऐसा विलोम युग्म है जो प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को भ्रमित करता है, क्योंकि “उदास”, “संकुचित” और “विषाद” जैसे निकट शब्द विकल्पों के रूप में दिए जाते हैं। इनके सूक्ष्म अर्थ-भेद को समझना आवश्यक है।
“प्रफुल्ल” का अर्थ और व्युत्पत्ति
“प्रफुल्ल” संस्कृत मूल का तत्सम शब्द है।
यह “प्र” (अधिक, पूर्णतः) और “फुल्ल” (फूला हुआ, विकसित) के योग से बना है। “फुल्ल” का संबंध “फूल” से है — अर्थात् खिलना। अतः “प्रफुल्ल” का अर्थ हुआ — पूर्णतः खिला हुआ, प्रसन्न, प्रफुल्लित, हर्षित। जैसे — “प्रफुल्ल वदन” अर्थात् खिले हुए (प्रसन्न) चेहरे वाला।
प्रफुल्ल का विलोम: म्लान क्यों सर्वाधिक उपयुक्त है?
चूंकि “प्रफुल्ल” का अर्थ है — खिला हुआ, प्रसन्न, इसका विलोम वह शब्द होना चाहिए जो मुरझाए हुए या निस्तेज होने का भाव व्यक्त करे। “म्लान” का अर्थ है — मुरझाया हुआ, कुम्हलाया हुआ, निस्तेज, कांतिहीन। जहाँ प्रफुल्ल “खिलने” की अवस्था है, वहाँ म्लान “मुरझाने” की अवस्था है। यह एक-दूसरे के पूर्ण विपरीत हैं, अतः “म्लान” सर्वथा उपयुक्त विलोम है।
यहाँ निकटवर्ती शब्दों के भेद को समझना आवश्यक है:
उदास — इसका अर्थ है — मन में खिन्नता, विषादग्रस्त। यह “प्रसन्न” का विलोम है, परंतु “प्रफुल्ल” के लिए “म्लान” अधिक सटीक है, क्योंकि प्रफुल्ल-म्लान का संबंध “खिलने-मुरझाने” की भौतिक/रूपात्मक अवस्था से भी है।
संकुचित — इसका अर्थ है — सिकुड़ा हुआ, सीमित। इसका विलोम “विस्तृत” या “प्रसारित” है, “प्रफुल्ल” नहीं।
विषाद — इसका अर्थ है — शोक, दुःख। यह भाववाचक संज्ञा है, जबकि “प्रफुल्ल” विशेषण है। विलोम युग्म में दोनों का समान शब्द-भेद होना चाहिए।
प्रतियोगी परीक्षाओं में क्यों पूछा जाता है?
UKPSC, UKSSSC, और अन्य राज्य लोक सेवा आयोगों की हिंदी व्याकरण परीक्षाओं में “प्रफुल्ल-म्लान” जैसी जोड़ी इसलिए पूछी जाती है क्योंकि:
- ये तत्सम शब्द हैं, जिनका अर्थ बिना व्युत्पत्ति जाने स्पष्ट नहीं होता।
- यहाँ रूपात्मक और भावात्मक दोनों स्तरों पर विलोम की समझ परखी जाती है।
- निकटवर्ती शब्द (उदास, संकुचित, विषाद) भ्रम उत्पन्न करते हैं और सूक्ष्म भेद परखा जाता है।
प्रफुल्ल और म्लान का प्रयोग: उदाहरण
प्रफुल्ल के प्रयोग:
- “वसंत ऋतु में प्रकृति प्रफुल्ल अवस्था में दिखाई देती है।”
- “परीक्षा में सफल होकर उसका मुखमंडल प्रफुल्ल हो उठा।”
म्लान के प्रयोग:
- “कठोर धूप से पुष्प म्लान हो गए।”
- “दुःखद समाचार सुनकर उसका चेहरा म्लान हो गया।”
निष्कर्ष
प्रफुल्ल का सर्वथा उपयुक्त और सटीक विलोम “म्लान” है। “उदास” प्रसन्न का विलोम है, “संकुचित” का विलोम “विस्तृत” है, और “विषाद” भाववाचक संज्ञा होने के कारण विशेषण “प्रफुल्ल” का समकक्ष विलोम नहीं है। प्रतियोगी परीक्षा की दृष्टि से यह जोड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह तत्सम शब्दों की समझ और निकट शब्दों के सूक्ष्म अर्थ-भेद को परखती है। “प्रफुल्ल = खिला हुआ” और “म्लान = मुरझाया हुआ” — यही सूत्र इस प्रश्न का सटीक उत्तर सुनिश्चित करता है।