📈 उत्तराखंड टेस्ट 139
📋 टेस्ट की जानकारी
- 📌 कुल प्रश्न: 30 प्रश्न
- ⏱️ कुल समय: 20 मिनट
- ✅ प्रत्येक सही: 1 अंक
- ❌ नेगेटिव मार्किंग: -0.25
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🔑 उत्तर कुंजी
इत्यादि शब्द का संधि-विच्छेद क्या है? जानिए यण संधि का नियम
हिंदी व्याकरण में संधि एक महत्वपूर्ण विषय है। प्रतियोगी परीक्षाओं में संधि और संधि-विच्छेद से प्रश्न पूछे जाते हैं। UKSSSC, UKPSC, SSC, PCS, RO और ARO की परीक्षाओं में भी यह टॉपिक काफी उपयोगी है।
इत्यादि का संधि-विच्छेद
इत्यादि शब्द का सही संधि-विच्छेद है:
इति + आदि = इत्यादि
यह यण स्वर संधि का उदाहरण है।
यण संधि में जब इ, ई, उ, ऊ या ऋ के बाद कोई भिन्न स्वर आता है, तो इनके स्थान पर क्रमशः य, य, व, व और र हो जाते हैं।
इत्यादि शब्द में ‘इति’ के अंत में इ स्वर है और अगले शब्द ‘आदि’ की शुरुआत आ स्वर से होती है।
संधि होने पर इ के स्थान पर य हो जाता है। इस प्रकार इति + आदि = इत्यादि बनता है।
इत्यादि का अर्थ क्या है?
इत्यादि का अर्थ होता है और भी इसी प्रकार की अन्य वस्तुएँ, बातें या उदाहरण।
किसी सूची को पूरा लिखने के बजाय आगे की समान वस्तुओं के लिए इस शब्द का प्रयोग किया जाता है।
उदाहरण के लिए—
राम, श्याम, मोहन इत्यादि विद्यार्थी प्रतियोगिता में शामिल हुए।
परीक्षा में पूछा जाने वाला प्रश्न
प्रश्न: ‘इत्यादि’ शब्द का सही संधि-विच्छेद क्या है?
A) इत्य + आदि
B) इति + आदि
C) इत् + यादि
D) इते + आदि
सही उत्तर: B) इति + आदि
यण संधि के अन्य उदाहरण
यण संधि को समझने के लिए अति + अधिक = अत्यधिक और प्रति + एक = प्रत्येक जैसे उदाहरण भी महत्वपूर्ण हैं।
निष्कर्ष
इत्यादि = इति + आदि और यह यण स्वर संधि का महत्वपूर्ण उदाहरण है। विद्यार्थियों को संधि-विच्छेद के साथ संधि के नियम और उदाहरण भी याद रखने चाहिए।