Uttarakhand Test 134- 2026 Free Mock Test

Uttarakhand Test 134 – UKSSSC & UKPSC 2026 Extreme Hard Mock Test | GyanLeela
UKPSC • UKSSSC • Extreme Hard
Test 134 • 30 प्रश्न

📈 उत्तराखंड टेस्ट 134

2 September 2026 • Extreme Hard Mock Test

📋 टेस्ट की जानकारी

  • 📌 कुल प्रश्न: 30 प्रश्न
  • ⏱️ कुल समय: 20 मिनट
  • प्रत्येक सही: 1 अंक
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Matsya-6000 क्या है? भारत की 6000 मीटर गहराई तक जाने वाली मानवयुक्त पनडुब्बी

भारत समुद्र की गहराइयों में वैज्ञानिक अनुसंधान और संसाधनों की खोज के क्षेत्र में अपनी क्षमता लगातार बढ़ा रहा है। इसी दिशा में Matsya-6000 भारत का एक महत्वपूर्ण मानवयुक्त वैज्ञानिक सबमर्सिबल है, जिसे समुद्र की लगभग 6000 मीटर गहराई तक वैज्ञानिक अध्ययन के लिए डिजाइन किया गया है।

यह परियोजना भारत के समुद्रयान मिशन (Samudrayaan Mission) से जुड़ी हुई है और इसका विकास चेन्नई स्थित National Institute of Ocean Technology (NIOT) द्वारा किया जा रहा है।

Matsya-6000 क्या है?

Matsya-6000 एक मानवयुक्त गहरे समुद्र में जाने वाला वैज्ञानिक सबमर्सिबल है। इसे समुद्र की अत्यधिक गहराई में जाकर वैज्ञानिक अनुसंधान करने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है।

इसमें एक साथ तीन व्यक्तियों के बैठने की क्षमता है और इसे लगभग 6000 मीटर की गहराई तक जाने के लिए डिजाइन किया गया है।

Matsya-6000 किस मिशन का हिस्सा है?

Matsya-6000 भारत के समुद्रयान (Samudrayaan) मिशन का प्रमुख हिस्सा है।

समुद्रयान मिशन का व्यापक उद्देश्य समुद्र की गहराइयों में जाकर वैज्ञानिक अध्ययन करना तथा समुद्री संसाधनों और पारिस्थितिकी से संबंधित जानकारी प्राप्त करना है।

Matsya-6000 का निर्माण कौन कर रहा है?

Matsya-6000 का विकास National Institute of Ocean Technology (NIOT), चेन्नई द्वारा किया जा रहा है।

NIOT भारत के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन समुद्री प्रौद्योगिकी से संबंधित अनुसंधान एवं विकास कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

Matsya-6000 की प्रमुख विशेषताएँ

विशेषताजानकारी
नामMatsya-6000
प्रकारमानवयुक्त वैज्ञानिक सबमर्सिबल
अधिकतम डिजाइन गहराईलगभग 6000 मीटर
क्षमता3 व्यक्ति
विकास संस्थाNIOT, चेन्नई
मिशनसमुद्रयान मिशन
उद्देश्यगहरे समुद्र में वैज्ञानिक अनुसंधान

Matsya-6000 क्यों महत्वपूर्ण है?

समुद्र की गहराइयों में मानव के लिए अत्यधिक दबाव, कम तापमान और कठिन परिस्थितियाँ होती हैं। ऐसे वातावरण में वैज्ञानिक अध्ययन के लिए अत्याधुनिक तकनीक की आवश्यकता होती है।

Matsya-6000 के माध्यम से भारत:

  • गहरे समुद्र में वैज्ञानिक अनुसंधान कर सकेगा।
  • समुद्री जैव-विविधता का अध्ययन कर सकेगा।
  • समुद्री पारिस्थितिकी को समझने में सहायता मिलेगी।
  • समुद्र के अंदर मौजूद संसाधनों के बारे में वैज्ञानिक जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।
  • Deep Ocean Mission के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

Matsya-6000 से जुड़े तथ्य



तीन व्यक्तियों को समुद्र की लगभग 6000 मीटर गहराई तक ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है।

इसके विकास में NIOT चेन्नई की महत्वपूर्ण भूमिका है।

इसके परीक्षणों में wet trials और harbour trials जैसे चरण शामिल रहे हैं। भारत सरकार के अनुसार जनवरी–फरवरी 2025 में इसके wet और harbour trials पूरे किए गए थे।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न

प्रश्न: Matsya-6000 किससे संबंधित है?

उत्तर: गहरे समुद्र में मानवयुक्त वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए विकसित सबमर्सिबल।

प्रश्न: Matsya-6000 कितनी गहराई तक जाने के लिए डिजाइन किया गया है?

उत्तर: लगभग 6000 मीटर।

प्रश्न: Matsya-6000 में कितने व्यक्ति जा सकते हैं?

उत्तर: 3 व्यक्ति।

प्रश्न: Matsya-6000 का विकास किस संस्था द्वारा किया जा रहा है?

उत्तर: National Institute of Ocean Technology (NIOT), चेन्नई।

प्रश्न: Matsya-6000 किस मिशन से संबंधित है?

उत्तर: समुद्रयान (Samudrayaan) मिशन।

निष्कर्ष

Matsya-6000 भारत की Deep Ocean Technology में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। लगभग 6000 मीटर की गहराई तक तीन लोगों को ले जाने के लिए डिजाइन किया गया यह मानवयुक्त सबमर्सिबल भारत की समुद्री वैज्ञानिक अनुसंधान क्षमता को मजबूत कर सकता है।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को Matsya-6000 के साथ इसके NIOT, चेन्नई, समुद्रयान मिशन, 6000 मीटर गहराई और तीन व्यक्तियों की क्षमता जैसे तथ्यों को विशेष रूप से याद रखना चाहिए।

Quick Revision

Matsya-6000 → मानवयुक्त सबमर्सिबल → 6000 मीटर → 3 व्यक्ति → NIOT चेन्नई → समुद्रयान मिशन

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