Uttarakhand Test 132- 2026 Free Mock Test

Uttarakhand Test 132 – UKSSSC & UKPSC 2026 Extreme Hard Mock Test | GyanLeela
UKPSC • UKSSSC • Extreme Hard
Test 132 • 30 प्रश्न

📈 उत्तराखंड टेस्ट 132

31 August 2026 • Extreme Hard Mock Test

📋 टेस्ट की जानकारी

  • 📌 कुल प्रश्न: 30 प्रश्न
  • ⏱️ कुल समय: 20 मिनट
  • प्रत्येक सही: 1 अंक
  • नेगेटिव मार्किंग: -0.25
  • 📝 टेस्ट कैसे दें: सही विकल्प पर क्लिक/टच करें

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🔑 उत्तर कुंजी

मयाली पास: उत्तराखंड का दुर्गम हिमालयी दर्रा, जानिए स्थिति, ऊंचाई और महत्व

मयाली पास (Mayali Pass) उत्तराखंड के प्रमुख एवं दुर्गम हिमालयी दर्रों में से एक है।

यह दर्रा ट्रेकिंग और पर्वतारोहण की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है तथा उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित है।

मयाली पास कहाँ स्थित है?

मयाली पास उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल और उत्तरकाशी क्षेत्र को जोड़ने वाले उच्च हिमालयी मार्ग से संबंधित है।

यह क्षेत्र भिलंगना घाटी और खतलिंग ग्लेशियर के आसपास के दुर्गम हिमालयी भूभाग से जुड़ा हुआ है।

मयाली पास का मार्ग अत्यधिक ऊंचाई, बर्फीले भूभाग और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण सामान्य पर्यटन मार्गों से अलग है।

इसे मुख्य रूप से अनुभवी ट्रेकर्स और पर्वतारोहण अभियानों के संदर्भ में जाना जाता है।

मयाली पास की ऊंचाई कितनी है?

मयाली पास लगभग 5,000 मीटर के आसपास की ऊंचाई वाले उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित माना जाता है।

इतनी अधिक ऊंचाई के कारण यहां मौसम तेजी से बदल सकता है और बर्फबारी तथा कम तापमान जैसी परिस्थितियां ट्रेक को चुनौतीपूर्ण बनाती हैं।

मयाली पास किन क्षेत्रों को जोड़ता है?

मयाली पास का महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह गढ़वाल हिमालय के विभिन्न उच्च हिमालयी क्षेत्रों के बीच एक पारंपरिक पर्वतीय मार्ग के रूप में जाना जाता है। इसका संबंध भिलंगना घाटी, खतलिंग ग्लेशियर और उत्तरकाशी के उच्च हिमालयी क्षेत्र से जोड़ा जाता है।

इस क्षेत्र में हिमालय की ऊंची चोटियां, ग्लेशियर और दुर्गम पर्वतीय भू-दृश्य देखने को मिलते हैं।

मयाली पास क्यों महत्वपूर्ण है?

मयाली पास का महत्व मुख्य रूप से तीन कारणों से है—

पहला, यह उत्तराखंड के उच्च हिमालयी भूगोल को समझने में महत्वपूर्ण है।

दूसरा, यह क्षेत्र ट्रेकिंग और पर्वतारोहण के लिए जाना जाता है।

तीसरा, प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्तराखंड के दर्रों, ग्लेशियरों और घाटियों से संबंधित सामान्य ज्ञान के अंतर्गत ऐसे स्थान महत्वपूर्ण हो जाते हैं।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

तथ्यजानकारी
दर्रे का नाममयाली पास
अंग्रेजी नामMayali Pass
राज्यउत्तराखंड
क्षेत्रगढ़वाल हिमालय
संबंधित क्षेत्रभिलंगना घाटी एवं खतलिंग ग्लेशियर क्षेत्र
प्रकृतिउच्च हिमालयी दर्रा
महत्वट्रेकिंग, पर्वतारोहण एवं हिमालयी भूगोल

UKPSC और UKSSSC में कैसे पूछा जा सकता है?

परीक्षा में प्रश्न इस प्रकार पूछा जा सकता है:

प्रश्न: उत्तराखंड का मयाली पास मुख्य रूप से किस क्षेत्र से संबंधित है?

A. कुमाऊँ की तराई
B. गढ़वाल का उच्च हिमालयी क्षेत्र
C. हरिद्वार का मैदानी क्षेत्र
D. देहरादून की शिवालिक पहाड़ियां

सही उत्तर: B — गढ़वाल का उच्च हिमालयी क्षेत्र

निष्कर्ष

मयाली पास उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय का एक महत्वपूर्ण उच्च हिमालयी दर्रा है, जिसका संबंध भिलंगना घाटी और खतलिंग ग्लेशियर क्षेत्र से माना जाता है। इसकी ऊंचाई और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां इसे पर्वतारोहण तथा हिमालयी अध्ययन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाती हैं।

उत्तराखंड की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को मयाली पास, कालिंदी पास, माना पास, नीति पास और कुंगरी-बिंगरी पास जैसे प्रमुख दर्रों के स्थान एवं भौगोलिक महत्व का अध्ययन जरूर करना चाहिए।

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मयाली पास कहाँ स्थित है? जानिए उत्तराखंड के मयाली पास की ऊंचाई, भौगोलिक स्थिति, खतलिंग ग्लेशियर और भिलंगना घाटी से इसका संबंध। UKPSC और UKSSSC परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण उत्तराखंड GK।

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