Uttarakhand Test 144- 2026 Free Mock Test

Uttarakhand Test 144 – UKSSSC & UKPSC 2026 Extreme Hard Mock Test | GyanLeela
UKPSC • UKSSSC • Extreme Hard
Test 144 • 30 प्रश्न

📈 उत्तराखंड टेस्ट 144

13 September 2026 • Extreme Hard Mock Test

📋 टेस्ट की जानकारी

  • 📌 कुल प्रश्न: 30 प्रश्न
  • ⏱️ कुल समय: 20 मिनट
  • प्रत्येक सही: 1 अंक
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भंगाणी का युद्ध 1688: उत्तराखंड इतिहास का महत्वपूर्ण युद्ध

उत्तराखंड के इतिहास में भंगाणी का युद्ध (Battle of Bhangani) एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटना मानी जाती है। प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे UKPSC, UKSSSC, PCS, UPSC और अन्य सरकारी परीक्षाओं में उत्तराखंड के इतिहास से जुड़े ऐसे तथ्य अक्सर पूछे जाते हैं। भंगाणी का युद्ध विशेष रूप से गुरु गोविंद सिंह और गढ़वाल नरेश फतेह पति शाह से संबंधित है।

भंगाणी का युद्ध वर्ष 1688 में लड़ा गया था। इस युद्ध में सिखों के दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह की सेना और गढ़वाल नरेश फतेह पति शाह से जुड़े पहाड़ी राजाओं की सेनाओं के बीच संघर्ष हुआ। यह युद्ध वर्तमान हिमाचल प्रदेश के सिरमौर क्षेत्र के निकट भंगाणी नामक स्थान पर हुआ था।

गुरु गोविंद सिंह ने अपनी आत्मकथात्मक रचना ‘बचित्र नाटक’ में भंगाणी के युद्ध का वर्णन किया है। यह युद्ध उनके जीवन की शुरुआती महत्वपूर्ण सैन्य घटनाओं में से एक था। युद्ध में गुरु गोविंद सिंह की सेना ने विजय प्राप्त की।

इस ऐतिहासिक संघर्ष का संबंध तत्कालीन गढ़वाल, सिरमौर और सिख इतिहास से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए उत्तराखंड सामान्य ज्ञान की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह विषय विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

  • युद्ध का नाम: भंगाणी का युद्ध
  • वर्ष: 1688 ईस्वी
  • प्रमुख सिख नेता: गुरु गोविंद सिंह
  • संबंधित गढ़वाल शासक: फतेह पति शाह
  • प्रमुख ऐतिहासिक स्रोत: बचित्र नाटक
  • क्षेत्र: सिरमौर के निकट भंगाणी

निष्कर्ष: भंगाणी का युद्ध केवल सिख इतिहास की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड और हिमालयी क्षेत्र के मध्यकालीन इतिहास को समझने के लिए भी महत्वपूर्ण है। परीक्षा में यदि पूछा जाए कि 1688 ईस्वी में गुरु गोविंद सिंह से संबंधित प्रसिद्ध युद्ध कौन-सा था, तो इसका सही उत्तर भंगाणी का युद्ध होगा।

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