📈 उत्तराखंड टेस्ट 97
📋 टेस्ट की जानकारी
- 📌 कुल प्रश्न: 30 प्रश्न
- ⏱️ कुल समय: 20 मिनट (1200 सेकंड)
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ग्रीन बोनस क्या है? उत्तराखंड को ग्रीन बोनस क्यों मिलेगा
ग्रीन बोनस (Green Bonus) एक ऐसी वित्तीय सहायता है जो उन राज्यों को दी जाती है, जो अपने बड़े वन क्षेत्र और पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से पूरे देश को लाभ पहुंचाते हैं।
उत्तराखंड लंबे समय से ग्रीन बोनस की मांग करता रहा है क्योंकि राज्य का लगभग 71 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है।
ये वन कार्बन सिंक (Carbon Sink) के रूप में कार्य करते हैं और पर्यावरण संतुलन बनाए रखते हैं।
ग्रीन बोनस क्यों महत्वपूर्ण है?
ग्रीन बोनस का उद्देश्य उन राज्यों को आर्थिक सहायता देना है जो विकास की तुलना में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हैं। उत्तराखंड के घने जंगल कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं और ऑक्सीजन उपलब्ध कराते हैं। इसके साथ ही ये जैव विविधता, जल स्रोतों और पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा भी करते हैं।
नीति आयोग की नई पहल
23–24 जुलाई 2026 को आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में हिमालयी राज्यों के लिए ग्रीन बोनस के ढांचे को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत वन संरक्षण और पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के आधार पर राज्यों को वित्तीय सहायता देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
- फोकस कीवर्ड: ग्रीन बोनस
- राज्य: उत्तराखंड
- मुख्य आधार: कार्बन सिंक और वन संरक्षण
- संबंधित संस्था: नीति आयोग (NITI Aayog)
- महत्व: उत्तराखंड, UKPSC, UKSSSC, PCS, UPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी।
निष्कर्ष
ग्रीन बोनस केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। यदि यह व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू होती है, तो उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्यों को वन संरक्षण के बदले उचित वित्तीय सहयोग मिलेगा और सतत विकास को नई गति मिलेगी।