📈 उत्तराखंड टेस्ट 99
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FCRA Act 2010 क्या है?
Foreign Contribution (Regulation) Act, 2010 (FCRA Act 2010) भारत का एक महत्वपूर्ण कानून है। इसका उद्देश्य भारत में विदेशी धन (Foreign Contribution) और विदेशी आतिथ्य (Foreign Hospitality) को नियंत्रित करना है ताकि देश की संप्रभुता (Sovereignty), सुरक्षा, लोकतांत्रिक व्यवस्था और राष्ट्रीय हितों की रक्षा की जा सके।
यह कानून विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2010 के नाम से जाना जाता है और इसका संचालन भारत सरकार का गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs – MHA) करता है।
FCRA Act 2010 का उद्देश्य
FCRA Act लागू करने के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं—
- विदेशी धन के दुरुपयोग को रोकना।
- राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करना।
- राजनीतिक गतिविधियों में विदेशी हस्तक्षेप रोकना।
- NGO और सामाजिक संस्थाओं में पारदर्शिता बढ़ाना।
- विदेशी फंड का सही उपयोग सुनिश्चित करना।
Foreign Contribution (विदेशी अंशदान) क्या होता है?
विदेशी स्रोत से प्राप्त—
- धन (Money)
- वस्तु (Article)
- प्रतिभूति (Security)
- शेयर
- विदेशी संस्थाओं से मिलने वाला आर्थिक सहयोग
को Foreign Contribution कहा जाता है।
FCRA के अंतर्गत कौन-कौन आते हैं?
FCRA के तहत निम्न संस्थाओं को पंजीकरण कराना पड़ता है—
- NGO
- Trust
- Society
- Charitable Institution
- Educational Institution
- Religious Organization
यदि ये विदेशी फंड प्राप्त करना चाहते हैं।
FCRA Registration कैसे प्राप्त किया जाता है?
विदेशी अंशदान प्राप्त करने के लिए संस्था के पास दो विकल्प होते हैं—
1. FCRA Registration
यदि संस्था लंबे समय तक विदेशी फंड प्राप्त करना चाहती है।
2. Prior Permission
यदि किसी विशेष विदेशी संस्था से किसी विशेष परियोजना के लिए केवल एक बार फंड प्राप्त करना हो।
FCRA Amendment 2020 क्या है?
वर्ष 2020 में केंद्र सरकार ने FCRA Act में कई महत्वपूर्ण संशोधन किए।
इन संशोधनों का उद्देश्य विदेशी धन के उपयोग में पारदर्शिता बढ़ाना और फर्जी संस्थाओं पर रोक लगाना था।
FCRA Amendment 2020 के प्रमुख बदलाव
1. Administrative Expense Limit
पहले संस्था विदेशी धन का 50% प्रशासनिक खर्चों पर खर्च कर सकती थी।
अब यह सीमा घटाकर 20% कर दी गई है।
2. Fund Transfer पर रोक
पहले एक NGO दूसरे FCRA Registered NGO को विदेशी धन ट्रांसफर कर सकती थी।
अब Section 7 के तहत ऐसा पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
3. SBI New Delhi Account अनिवार्य
अब प्रत्येक संस्था को विदेशी धन प्राप्त करने के लिए
State Bank of India, New Delhi Main Branch (Parliament Street)
में FCRA Account खोलना अनिवार्य है।
4. Aadhaar अनिवार्य
संस्था के प्रमुख पदाधिकारियों के लिए Aadhaar (या विदेशी नागरिकों के लिए Passport/OCI) देना अनिवार्य कर दिया गया।
5. Certificate Surrender
नई Section 14A के अनुसार कोई संस्था अपना FCRA Certificate स्वेच्छा से सरकार को वापस कर सकती है।
FCRA की महत्वपूर्ण धाराएँ
Section 3
किन लोगों को विदेशी अंशदान लेने की अनुमति नहीं है।
जैसे—
- चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार
- न्यायाधीश
- सरकारी कर्मचारी
- पत्रकार
- विधायक
- सांसद
- राजनीतिक दल
Section 7
Foreign Contribution किसी अन्य संस्था को Transfer नहीं किया जा सकता।
Section 9
यदि विदेशी धन से भारत की संप्रभुता, सुरक्षा या अखंडता को खतरा हो तो केंद्र सरकार संस्था को विदेशी धन लेने से रोक सकती है।
Section 11
विदेशी धन प्राप्त करने से पहले Registration या Prior Permission आवश्यक है।
Section 13
सरकार FCRA Certificate को Suspension पर रख सकती है।
Section 14
गंभीर उल्लंघन होने पर Registration Cancel किया जा सकता है।
Section 35
गलत जानकारी देने या कानून का उल्लंघन करने पर अधिकतम 5 वर्ष तक की सजा, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
FCRA Certificate कितने वर्ष के लिए मान्य होता है?
FCRA Registration की वैधता 5 वर्ष होती है।
Renewal के लिए समाप्ति से 6 महीने पहले आवेदन करना होता है।
FCRA का नियंत्रण किस मंत्रालय के पास है?
FCRA Act का पूरा प्रशासन और कार्यान्वयन
भारत सरकार के गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs – MHA)
के अधीन होता है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
- FCRA लागू वर्ष – 2010
- संशोधन – 2020
- नियंत्रक मंत्रालय – गृह मंत्रालय
- Registration Validity – 5 वर्ष
- Administrative Expense – 20%
- Fund Transfer – पूर्णतः प्रतिबंधित
- Mandatory Bank – SBI New Delhi Main Branch
- Section 3 – प्रतिबंधित व्यक्ति
- Section 7 – Transfer प्रतिबंध
- Section 9 – विदेशी धन पर रोक लगाने की शक्ति
- Section 11 – Registration/Prior Permission
- Section 13 – Suspension
- Section 14 – Cancellation
- Section 35 – अधिकतम 5 वर्ष की सजा
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
FCRA का पूरा नाम क्या है?
Foreign Contribution (Regulation) Act, 2010.
FCRA किस मंत्रालय के अंतर्गत आता है?
भारत सरकार के गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) के अंतर्गत।
FCRA Registration कितने वर्ष के लिए होता है?
5 वर्ष के लिए।
FCRA Amendment 2020 में सबसे बड़ा बदलाव क्या था?
Administrative Expenses की सीमा 50% से घटाकर 20% करना तथा Foreign Contribution Transfer पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना।
क्या सभी NGO को FCRA Registration कराना जरूरी है?
नहीं। केवल वे संस्थाएँ जिन्हें विदेशी स्रोतों से धन प्राप्त करना है, उन्हें FCRA Registration या Prior Permission लेनी होती है।
निष्कर्ष
FCRA Act 2010 भारत में विदेशी अंशदान को नियंत्रित करने वाला एक महत्वपूर्ण कानून है। इसका मुख्य उद्देश्य विदेशी धन के पारदर्शी उपयोग को सुनिश्चित करना और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करना है। वर्ष 2020 के संशोधनों ने इस कानून को और अधिक कठोर एवं पारदर्शी बनाया। यदि आप UPSC, UKPSC, UKSSSC, SSC, Judiciary, LLB या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो FCRA Act 2010 और FCRA Amendment 2020 के प्रमुख प्रावधानों का अध्ययन अवश्य करें।